Bhojpuri film industry ka itihas kya hain | History of Bhojpuri cinema

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री, जिसे हम भोजीवुड भी कहते हैं वो आज 2000 करोड़ से ज्यादा की इंडस्ट्री बन गयी हैं. यहाँ पर मुख्या रूप से भोजपुरी भाषा में फिल्म बनाया जाता हैं, जो की बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखण्ड में सबसे ज्यादा बोली जाती हैं. भोजपुरी सिनेमा भोजपुरी भाषा बोलने वाले के लिए बहुत ही लोकप्रिय हैं और इसके साथ मैथली और मगही भाषा की  फिल्म भी शामिल हैं। Bhojpuri film industry ka itihas बहुत ही रोचक हैं।

Bhojpuri Film Industry ka Itihas

पहला भोजपुरी फिल्म की शुरुआत कैसे हुयी ?

भोजपुरी फिल्म की इतिहास 1963 में गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो से विश्वनाथ शाहाबादी द्वारा शुरु हुआ और इस फिल्म को डायरेक्ट कुंदन कुमार जी ने किया था. भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद जी ने बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता नज़ीर हुसैन जी भोजपुरी भाषा में फिल्म बनाने के लिए कहा था. इस फिल्म में अभिनय किया था नजीर हुसैन,कुमकुम, तुन तुन और आशिम कुमार।

इस फिल्म की कहानी गंगा नदी और उसके संस्कृतिक और एक गांव की प्रेम कहानी के बारे में दिखाया गया। कहानी दर्शको को बहुत पसंद आयी और हिट रहे ये फिल्म। गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो को 11वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला हैं। 

भोजपुरी सिनेमा का विकास और पतन 

गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो के success के बाद, 1960 से लेकर 1970 के बिच और भी कई फिल्मो को बनाया गया। उसमे से कुछ फिल्मे हैं “ बिदेसिया (1963), गंगा (1965), लोहा सिंह (1966), बलम परदेसिया (1979) । ये  सभी फिल्मो को अगर हम ध्यान से देखेंगे तो, ये फिल्म पारिवारिक और सामाजिक नाटक और गाँव के कहानी पर आधारित रहते थे। इनमे से कई फिल्मो में बॉलीवुड के लोकप्रिय कलाकार भी काम किया हैं। जैसे की अमिताभ बच्चन, रेखा और हेमा मालिनी। 

1970 से 1980 के बिच कई भोजपुरी फिल्मे बनी, पर फिल्म ज्यादातर फ्लॉप हो रही थी या फ्री कोई भी कमाई नहीं कर पा रही थी। इसका कई कारण बताया जाता हैं, जैसे की घन की कमी, उत्पादन की ख़राब गुणवत्ता और हिंदी फिल्मो से प्रतीस्पर्धा और लोगो के बदलते स्वाद के कारण फिल्मे बॉक्स ऑफिस पर नहीं चल रही थी। 

इस समय भोजपुरी बॉक्स ऑफिस पर कई फिल्म फ्लॉप होई और इसके कुछ फिल्म था जिसे दर्शको ने बहुत पसंद किया, वो हैं “ माई (1989), हमार भौजी (1983), गंगा किनारे मेरा गाँव (1984). 

भोजपुरी सिनेमा का पुनर्जीवन कैसे हुआ ?

भोजपुरी फिल्मो का पुनर्जीवन  2000 की शुरुआत में एक के बाद एक ब्लॉकबस्टर फिल्म की रिलीज़ के साथ किया। इस बार कई नए कांसेप्ट को जोड़ा गया जैसे की एक्शन, कॉमेडी और गाना। दर्शको ने भी बहुत पसंद किया और बहुत प्यार दिया। उस समय की कुछ ब्लॉकबस्टर फिल्मे हैं “ ससुरा बड़ा पैसावाला (2004), दरोगा बाबू आई लव यू (2005),  निरहुआ रिक्शावाला (2008). 

इन सभी सिनेमा में मनोज तिवारी, दिनेश लाल यादव, पवन सिंह, मोनालिसा और रानी चटर्जी जैसे कई और भी कलाकार दर्शको के बिच लोकप्रय हुए। दिनेश लाल यादव की एक फिल्म के कारण उनको दर्शको के बिच निरहुआ नाम से लोकप्रिय हो गए। 

इन फिल्मो की सफलता के बाद भोजपुरी फिल्म को भारत और विदेश के कई हिस्से में रिलीज़ किया गया। उसमे में कुछ नाम हैं कोलकाता, दिल्ली और गुजरात। धीरे-धीरे डीवीडी  और डिजिट के कारण विदेशो में भी भोजपुरी दर्शको तक पहुंचाया गया। 

आज भोजपुरी सिनेमा ₹2000 करोड़ से ज्यादा की इंडस्ट्री बन गयी हैं। हर साल लगभग 70-80 फिल्म को बनाया जाता हैं। भोजपुरी सिनेमा ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई पहचान और सम्म्मान  प्राप्त किया हैं। जैसे की 2018 में पराग पाटिल द्वारा निर्देशित फिल्म “ कसम पैदा करने वाले की “ ने दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार जीता और 2019 में नितिन चंद्र द्वारा निर्देशित फिल्म “ मिथिला मखान “ को पहली बार राष्ट्रीय पुरस्कार मिला जो बिहार में बना हो। 

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में कैसे जाएं ?

भोजपुरी फिल्म में काम करने के लिए आपको कुछ बातो को ध्यान रखना पड़ेगा। सबसे पहले आपको ये पता करना हैं की आपको कौन से क्षेत्र में जाना हैं। जैसे ही एक्टिंग, म्यूजिक, कॉमेडी और आदि। अगर आपके पास कोई प्रतिभा हैं थो आपको भी काम करने को मिल सकता हैं। 

कई ऐसा अभिनेता हैं जो पहले गायक से शुरुआत किया और आज वो बहुत बड़े कलाकार हैं। उनमें से कुछ नाम हैं मनोज तिवारी, दिनेश लाल यादव, पवन सिंह और खेसारी लाल यादव। अगर आप गायक हैं तो थोड़े आसान हैं। 

कई ऐसे अभिनेत्री हैं जो पहले मॉडलिंग करते थे और आगे चलकर फिल्मो में काम किया। जैसे की काजल राघवानी और कनक पांडेय। तो आप मॉडलिंग से भी शुरुआत कर सकते हैं।

FAQ:

1) भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री को क्या कहा जाता है?

Ans) भोजपुरी सिनेमा को भोजीवुड से भी जाना जाता हैं। इसको भोजपुरी भाषा बोलने वाले मुख्य रूप से देखते हैं।

2) भोजपुरी सिनेमा की सबसे महंगा फिल्म कौन सी है?

Ans) अभी तक की सबसे महँगी फिल्म ससुरा बड़ा पैसा वाला और निरहुआ हिंदुस्तानी हैं.

3) भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री किस राज्य में है?

Ans) भोजपुरी सिनेमा कोई एक राज्य में नहीं हैं क्योकि शूटिंग सबसे ज्यादा मुंबई में किया जाता हैं । इसको बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखण्ड के लोग मुख्या रूप से देखते हैं।

4) भोजपुरी फिल्म के जन्मदाता कौन है?

Ans) नज़ीर हुसैन को भोजपुरी सिनेमा का जन्मदाता कहा जाता हैं। उन्होंने गंगा मैया तोहे पियरी चढ़इबो फिल्म को बनाया था और ये भोजपुरी सिनेमा की पहली फिल्म थी।

5) भोजपुरी का सबसे पहला गाना कौन सा है?

Ans) भोजपुरी सिनेमा का पहला गाना हे गंगा मैया हैं। इस गाने को लता मंगेशकर जी ने गाया था।

Conclusion:

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री ने 1963 से अब तक एक लम्बा सफर तय किया हैं। इसके साथ कई चुनौतियों और अवसरों का सामना किया है। इसक साथ भोजपुरी दर्शको के बिच अपना लोकप्रिय बनाय रखा हैं।

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